इस साल का पहला सूर्य ग्रहण ( Surya Grahan 2021 in India date and time )होने जा रहा है, जो पहले चंद्रग्रहण 26 मई के 15 दिन बाद यानी 10 जून 2021 को लगेगा। दरअसल, यह सूर्य ग्रहण होगा जो भारत में आंशिक रूप से दिखाई देगा। यह भारत के अलावा कनाडा, रूस, एशिया, उत्तरी अमेरिका, ग्रीनलैंड और अन्य जगहों पर भी देखा जाएगा।

साल का आखिरी ग्रहण (सूर्य ग्रहण 2021 in India date and time)

साल 2021 का दूसरा सूर्य ग्रहण 4 दिसंबर को लगने वाला है. हालांकि, यह भारत में नहीं दिखाई देगा. विशेषज्ञों की मानें तो यह अंटार्टिका ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अमेरिका और दक्षिण अफ्रीका में दिखाई देने वाला है.

Surya Grahan 2021 का समय

साल का पहला सूर्य ग्रहण 10 जून को दोपहर 1 बजकर 42 मिनट से शुरू होकर शाम के 6 बजकर 41 मिनट तक रहेगा।

सूर्यग्रहण क्या है?

जब सूर्य और पृथ्वी के बीच में चंद्रमा आ जाता है तो सूर्य की चमकती सतह चंद्रमा के कारण दिखाई नहीं पड़ती है. चंद्रमा की वजह से जब सूर्य ढकने लगता है तो इस स्थिति को सूर्यग्रहण कहते हैं

सूर्य ग्रहण तब होता है जब पृथ्वी का एक हिस्सा चंद्रमा द्वारा डाली गई छाया में घिरा होता है जो सूर्य के प्रकाश को पूरी तरह या आंशिक रूप से अवरुद्ध करता है। यह तब होता है जब सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी रेखा पर होते हैं। ऐसा संरेखण अमावस्या के साथ मेल खाता है | यह दर्शाता है कि चंद्रमा ग्रहण सतह के सबसे निकट है। पूर्ण ग्रहण में, सूर्य की डिस्क पूरी तरह से चंद्रमा से ढकी रहती है। आंशिक और वलयाकार ग्रहणों में, सूर्य का केवल एक भाग अस्पष्ट होता है।

यदि चंद्रमा पूरी तरह से गोलाकार कक्षा में होता, पृथ्वी के थोड़ा करीब होता, और उसी कक्षीय सतह में होता, तो हर अमावस्या को कुल सूर्य ग्रहण होता। हालाँकि, चूंकि चंद्रमा की कक्षा सूर्य के चारों ओर पृथ्वी की कक्षा में 5 डिग्री से अधिक झुकी हुई है, इसलिए इसकी छाया आमतौर पर पृथ्वी से चूक जाती है।

सूर्य ग्रहण तभी हो सकता है जब अमावस्या के दौरान चंद्रमा ग्रहण सतह के काफी करीब हो। इसलिए सौर और चंद्र ग्रहण केवल ग्रहण के मौसम के दौरान ही होते हैं, जिसके परिणामस्वरूप हर साल कम से कम दो और पांच तक सूर्य ग्रहण होते हैं; जिनमें से दो से अधिक कुल ग्रहण नहीं हो सकते हैं। (Source)

सूर्य ग्रहण में क्या ना करें- Surya Grahan 2021 in India दिनांक और समय

ग्रहण काल शुरू होने से समाप्त होने तक उपासना, मंत्रो का जाप करना शुभ माना जाता हैं। इस समय भगवान की पूजा नहीं करनी चाहिए। ग्रहण काल में अपने कुल देवता, गायत्री मंत्र, गुरु मंत्र का जाप दीपक जलाकर शुरू करना चाहिए। तुलसी या शमी झाड़ का स्पर्श करना चाहिए। ग्रहण हटने के बाद स्नान कर स्वच्छ कपडे पहनना चाहिए। भगवान को स्नान कराकर उनकी पूजा, आरती करना चाहिए।

Surya Grahan 2021 in India Date and Time में क्या ना करें–

  1. Surya Grahan काल में घर से बहार ना जाएं और न ही ग्रहण दर्शन करें | इस दिन शुभ या नया कार्य नहीं करना चाहिए।
  2. सूर्य ग्रहण काल में ना भोजन पकाना या ना ही भोजन खाना चाहिए। ऐसा मान्यता है की यदि आपने भोजन किया तो जितने अन्न के दाने खाता है, उतने वर्षों तक नरक में वास कर पड़ता है।
  3. Surya Grahan काल में मान्यताओ के अनुसार गर्भवती महिला हो कुछ सब्जी काटना, कपडे सिलना नहीं चाहिए, इससे होने वाले बच्चे के शारीरिक दोष होने की संभावना होती हैं।
  4. ग्रहण के समय तेल लगाना, जल पीना, केश बनाना, संभोग करना, मंजन करना, वस्त्र नीचोड़ना, ताला खोलना आदि ना करें है।

5 . Surya Grahan के दौरान सोने नहीं चाहिए ऐसे करने से व्यक्ति रोगी होता है।

  1. सूर्य ग्रहण के दिन पत्ते, लकड़ी और फूल नहीं तोड़ना चाहिए।

सूर्य ग्रहण में क्या करें- Surya Grahan 2021 in India दिनांक और समय

  1. सूर्य ग्रहण पूरा होने पर उसका शुद्ध बिम्ब देखकर ही भोजन करना चाहिए।
  2. ग्रहण के समय गायों को घास, पक्षियों को अन्न, जरूरत मंदों को वस्त्र दान देने से अनेक गुना पुण्य प्राप्त होता है।
  3. ग्रहण के बाद पुराना पानी और खाना फेक देना चाहिए। नया भोजन पकाकर खाये और ताजा पानी भरकर पिए।
  4. सूर्य ग्रहण समाप्त हो जाने पर स्नान करके उचित व्यक्ति को दान करने का विधान है।
  5. ग्रहण के समय गुरुमंत्र, इष्टमंत्र अथवा भगवन्नाम जप अवश्य करें, न करने से मंत्र को मलिनता प्राप्त होती है।
Surya Grahan 2021 in India Date and Time
Surya Grahan 2021 in India Date and Time

सूर्य ग्रहण के प्रकार

1. पूर्ण सूर्य ग्रहण : पूर्ण सूर्य ग्रहण उस समय होता है जब चन्द्रमा पृथ्वी के काफ़ी पास रहते हुए पृथ्वी और सूर्य के बीच में आ जाता है और चन्द्रमा पूरी तरह से पृ्थ्वी को अपने छाया क्षेत्र में ले ले फलस्वरूप सूर्य का प्रकाश पृ्थ्वी तक पहुँच नहीं पाता है और पृ्थ्वी पर अंधकार जैसी स्थिति उत्पन्न हो जाती है तब पृथ्वी पर पूरा सूर्य दिखाई नहीं देता। इस प्रकार बनने वाला ग्रहण पूर्ण सूर्य ग्रहण कहलाता है ( Source)

2. आंशिक सूर्य ग्रहण : आंशिक सूर्यग्रहण में जब चन्द्रमा सूर्य व पृथ्वी के बीच में इस प्रकार आए कि सूर्य का कुछ ही भाग पृथ्वी से दिखाई नहीं देता है अर्थात चन्दमा, सूर्य के केवल कुछ भाग को ही अपनी छाया में ले पाता है। इससे सूर्य का कुछ भाग ग्रहण ग्रास में तथा कुछ भाग ग्रहण से अप्रभावित रहता है तो पृथ्वी के उस भाग विशेष में लगा ग्रहण आंशिक सूर्य ग्रहण कहलाता है

3. वलयाकार सूर्य ग्रहण : वलयाकार सूर्य ग्रहण में जब चन्द्रमा पृथ्वी के काफ़ी दूर रहते हुए पृथ्वी और सूर्य के बीच में आ जाता है अर्थात चन्द्र सूर्य को इस प्रकार से ढकता है, कि सूर्य का केवल मध्य भाग ही छाया क्षेत्र में आता है और पृथ्वी से देखने पर चन्द्रमा द्वारा सूर्य पूरी तरह ढका दिखाई नहीं देता बल्कि सूर्य के बाहर का क्षेत्र प्रकाशित होने के कारण कंगन या वलय के रूप में चमकता दिखाई देता है। कंगन आकार में बने सूर्यग्रहण को ही वलयाकार सूर्य ग्रहण कहलाता है।( Source)

Surya Grahan 2021 in India Date and Time के बारे में पूछे जाने सवाल

  1. आज सूर्य ग्रहण कितने बजे लगेगा?
  2. 2021 का सूर्य ग्रहण कब लगेगा?
  3. सूर्य ग्रहण का मतलब क्या होता है?
  4. 2021 में कितने ग्रहण है?
  5. सूर्यग्रहण और चंद्रग्रहण क्या है?
  6. सूर्य ग्रहण में क्या करें क्या न करें?
  7. सूर्य ग्रहण कैसे बनता है?
  8. 2021 के ग्रहण कब पड़ेंगे?
  9. Surya Grahan 2021 in India Date and Time
  10. सूर्य ग्रहण कैसे होता है?
  11. सूर्य ग्रहण कब लगता है?
  12. सूर्य ग्रहण कब लगेंगे 2021?
  13. सूर्य ग्रहण और चन्द्र ग्रहण में अंतर?
  14. सबसे बड़ा सूर्य ग्रहण कब है?
  15. आज का सूर्य ग्रहण कब है?

2021 के ग्रहण कब-कब पड़ेंगे?

  1. साल 2021 का पहला चंद्र ग्रहण 26 मई, बुधवार को 5 घंटे के लिए लगा|
  2. इस साल का दूसरा ग्रहण सूर्य ग्रहण 10 जून को ही लगेगा |
  3. साल 2021 का तीसरा ग्रहण चंद्र ग्रहण है. जो 19 नवंबर को पड़ने वाला है|
  4. साल 2021 का आखरी ग्रहण सूर्य ग्रहण होगा. जो 4 दिसंबर को लगने वाला है.

सूतक काल के बारे में (Surya Grahan 2021 in India Date and Time)

यह ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा जिस वजह से सूतक काल मान्य नहीं होगा। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार सूतक काल वहीं मान्य होता है जहां पर ग्रहण दिखाई देता है।

Surya Grahan Date and Time के बारे में खगोल शास्त्रीयों की गणनाएँ

खगोल शास्त्रियों नें गणित से निश्चित किया है कि 18 वर्ष 18 दिन की समयावधि में 41 सूर्य ग्रहण और 29 चन्द्रग्रहण होते हैं। एक वर्ष में 5 सूर्यग्रहण तथा 2 चन्द्रग्रहण तक हो सकते हैं। किन्तु एक वर्ष में 2 सूर्यग्रहण तो होने ही चाहिए। हाँ, यदि किसी वर्ष 2 ही ग्रहण हुए तो वो दोनो ही सूर्यग्रहण होंगे।

यद्यपि वर्षभर में 7 ग्रहण तक सम्भाव्य हैं, तथापि 4 से अधिक ग्रहण बहुत कम ही देखने को मिलते हैं। प्रत्येक ग्रहण 18 वर्ष 11 दिन बीत जाने पर पुन: होता है। किन्तु वह अपने पहले के स्थान में ही हो यह निश्चित नहीं हैं, क्योंकि सम्पात बिन्दु निरन्तर चल रहे हैं।

साधारणतय सूर्यग्रहण की अपेक्षा चन्द्रग्रहण अधिक देखे जाते हैं, परन्तु सच्चाई यह है कि चन्द्र ग्रहण से कहीं अधिक सूर्यग्रहण होते हैं। 3 चन्द्र ग्रहण पर 4 सूर्य ग्रहण का अनुपात आता है। चन्द्रग्रहणों के अधिक देखे जाने का कारण यह होता है कि वे पृ्थ्वी के आधे से अधिक भाग में दिखलाई पडते हैं, जब कि सूर्यग्रहण पृ्थ्वी के बहुत बड़े भाग में प्राय सौ मील से कम चौड़े और दो से तीन हजार मील लम्बे भूभाग में दिखलाई पडते हैं।

उदाहरण के तौर पर यदि मध्यप्रदेश में खग्रास (जो सम्पूर्ण सूर्य बिम्ब को ढकने वाला होता है) ग्रहण हो तो गुजरात में खण्ड सूर्यग्रहण (जो सूर्य बिम्ब के अंश को ही ढँकता है) ही दिखलाई देगा और उत्तर भारत में वो दिखायी ही नहीं देगा। ( Source)